रजनीकांत के फैसले से कमल हासन को सियासी राहत मिलेगी?

-प्रदीप द्विवेदी 

दक्षिण भारत के सुपर स्टार- रजनीकांत और कमल हासन, दोनों उत्तर भारत में भी खासे लोकप्रिय हैं, लेकिन इन दिनों दोनों की चर्चा किसी फिल्म के लिए नहीं बल्कि दक्षिण भारत की राजनीति के लिए हो रही है.

रजनीकांत भारतीय फिल्मी दुनिया के लोकप्रिय और चर्चित अभिनेता हैं, जिन्होंने तमिल, हिन्दी आदि भाषाओं की अनेक हिट फिल्मों में अभिनय किया है.
रजनीकांत ने बतौर अभिनेता अपनी शुरुआत राष्ट्रीय फिल्म अवार्ड विजेता अपूर्व रागंगल (1975) से की थी, जिसके निर्देशक के. बालाचन्दर थे, जिन्हें रजनीकान्त अपना गुरु मानते हैं.
शंकर के निर्देशन में तमिल, हिन्दी और तेलुगु में बनी फिल्म रोबोट हिन्दी दर्षकों के बीच भी बेहद लोकप्रिय रही, जिसके मुख्य सितारे रजनीकांत और ऐश्वर्या राय हैं और फिल्म का संगीत एआर रहमान का है.
रजनीकांत की हिन्दी में ही बनी चालबाज (1989) कॉमेडी फिल्म को भी दर्शकों ने खुब पसंद किया. राजेश मजूमदार-कमलेश पांडे की पटकथा पर पंकज पाराशर द्वारा निर्देशित इस फिल्म में श्रीदेवी, रजनीकांत, सनी देओल, अनुपम खेर, शक्ति कपूर, रोहिणी हट्टंगड़ी, अनु कपूर जैसे फेमस स्टार्स ने काम किया है.
कमल हासन जितने दक्षिण भारत में लोकप्रिय हैं, उतने ही उत्तर भारत में भी लोकप्रिय रहे हैं. उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, फिल्मफेयर पुरस्कार सहित अनेक भारतीय फिल्म पुरस्कार मिले हैं. फिल्में तो उनके रग-रग में समाई हुई है, यही वजह है कि उन्होंने अभिनय के अलावा निर्माता-निर्देशक, पटकथा लेखक, गीतकार, पाश्र्वगायक, कोरियोग्राफर जैसी अनेक भूमिकाएं भी निभाई हैं.
हिन्दी में 1981 में आई उनकी फिल्म एक दूजे के लिये ने उन्हें रातोंरात हिन्दी फिल्मों का फेमस स्टार बना दिया. के बालाचंदर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में मुख्य कलाकार हैं- कमल हासन और रति अग्निहोत्री. यह गायक एसपी बालसुब्रमण्यम की भी पहली हिन्दी फिल्म थी. एक दूजे के लिये के अलावा कमल हासन ने चाची 420, सागर, पुष्पक जैसी सुपरहिट फिल्मों में अपनी एक्टिंग का कमाल दिखाया.
सिनेमा में कमाल दिखानेवाले कमल हासन ने सक्रिय राजनीति में कदम जरूर रख दिया है, लेकिन, अभी तक कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए हैं.
हालांकि, वर्ष 2021 की शुरूआत दक्षिण भारत के सुपर स्टार कमल हासन के लिए सियासी राहत की खबर लेकर आई है.
कमल हासन के लिए सियासत की राह वैसे भी आसान नहीं है और उसमें दक्षिण भारत के ही सुपर स्टार रजनीकांत के भी सक्रिय राजनीति में उतरने के फैसले ने कमल हासन को सियासी संकट में डाल दिया था, किन्तु अब उनके लिए यह राहतभरी खबर है कि रजनीकांत सक्रिय राजनीति में नहीं आ रहे हैं.
दक्षिण भारत की राजनीति में सिनेमा के सितारों की बड़ी भूमिका रही है, इसलिए यदि रजनीकांत अपनी अलग पाॅलिटिकल पार्टी लेकर आते तो कमल हासन के लिए एक नई और बड़ी चुनौती तैयार हो जाती, लिहाजा रजनीकांत के फैसले ने कमल हासन को बड़ी सियासी राहत दी है!  
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