देश में एनएचपीसी की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के उद्देश्य से एनएचपीसी लिमिटेड और भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास संस्था लिमिटेड (इरेडा) के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिनांक  08.01.2021 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए । एनएचपीसी लिमिटेड की ओर से श्री अभय कुमार सिंह, सीएमडी, एनएचपीसी और इरेडा की ओर से श्री प्रदीप कुमार दास, सीएमडी, इरेडा ने इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए । इस अवसर पर एनएचपीसी से, निदेशक (तकनीकी), निदेशक (वित्त) और निदेशक (परियोजनाएं) तथा इरेडा से निदेशक (तकनीकी) की गरिमापूर्ण उपस्थिति रही । 

माननीय प्रधानमंत्री के 2022 तक नवीकरणीय ऊर्जा के 175 गीगावाट विकास और “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुसार, एनएचपीसी ने अगले तीन वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा (सोलर-टेरेस्ट्रियल एवं फ्लोटिंग व पवन) के 7.5 गीगावाट के विकास के लिए देश के नवीकरणीय ऊर्जा परिदृश्य पर प्रभावी एंव महत्वाकांक्षी योजना बनाई है । इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए, एनएचपीसी ने अब तक स्वामित्व आधार पर 102.5 मेगावाट (सोलर-टेरेस्ट्रियल, रूफ टॉप और पवन) की नवीकरणीय क्षमता को सफलतापूर्वक कमीशन किया है और 2000 मेगावाट की परियोजनाओं का मध्यवर्ती प्रोक्योरर आधार (फैसिलिटेटर मोड) पर सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी टैरिफ पर अनुबंध किया है और इन परियोजनों का निर्माण 2021 तक योजनाबद्ध है। 

इसके अतिरिक्त, 155 मेगावाट की सोलर-टेरेस्ट्रियल एवं फ्लोटिंग क्षमता का कार्य अवार्ड के अंतिम चरण में है और अन्य 2.9 गीगावॉट की सौर क्षमता (फ्लोटिंग 500 मेगावाट और 2400 मेगावाट सोलर-टेरेस्ट्रियल)  विकास के विभिन्न चरणों में हैं । ये परियोजनाएं पूरे भारत में स्थित हैं । 

दोनों संगठनों के बीच एक उचित सामंजस्य बनाकर कार्य करने हेतु एनएचपीसी और इरेडा के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करना एक परिवर्तनकारी अवसर है । इरेडा, एनएचपीसी की नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता / संरक्षण परियोजनाओं के लिए टेक्नो-कमर्शियल ड्यू डिलिजेन्स करेगा । यह समझौता ज्ञापन तकनीकी  जानकारी और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को सुविधाजनक बनाने और परामर्श और अनुसंधान सेवाएं प्रदान करने के लिए कार्य करते हुए देश के सतत विकास में योगदान देगा ।

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