देश में पहली बार शुरू हुआ फायर एंड सेफ्टी ऑडिट पीजी डिप्लोमा कोर्स

  • आईपी विश्वविद्यालय में फायर एंड लाइफ सेफ्टी ऑडिट कोर्स शुरू, उपमुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया

  • देश में पहली बार शुरू हुआ फायर एंड सेफ्टी ऑडिट पीजी डिप्लोमा कोर्स

  • समाज को प्रशिक्षित पेशेवरों मिलेंगे और नागरिकों की सुरक्षा बढ़ेगी

  • भविष्य की चुनौतियों का समाधान देता है यह कोर्स : उपमुख्यमंत्री



उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज ‘फायर एंड सेफ्टी ऑडिट‘ में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स  का उद्घाटन किया। गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट स्टडीज में देश का यह अपनी तरह का पहला कोर्स है। 

 

दिल्ली सचिवालय में आयोजित उद्घाटन समारोह में सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के लिए यह गर्व की बात है कि इस कोर्स से समाज को प्रशिक्षित पेशेवरों मिलेंगे और नागरिकों की सुरक्षा बढ़ेगी। भारत के किसी भी विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किया गया यह पहला पाठ्यक्रम है।


 

उन्होंने कहा कि आग से सुरक्षा हमारे देश में एक बड़ी चुनौती है। खास तौर पर शहरों में घनी आबादी, जागरूकता की कमी और संकरी गलियों में भवन निर्माण इत्यादि के कारण अगलगी के मामलों में काफी संकट का सामना करना पड़ता है। 

 

सिसोदिया ने कहा कि यह पाठ्यक्रम एक सुरक्षित समाज की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। दिल्ली सरकार की इस यूनिवर्सिटी में अपनी तरीके की फायर एंड सेफ्टी कोर्स की शुरुआत हुई है। उम्मीद है कि ये कोर्स अपने मकसद में कामयाब होगा। मकसद है कि अब तक आग की घटनाओं से हम जितने लोगों की जान बचा पाते थे, उससे ज्यादा लोगों की जान बचा पाएं।


 

सिसोदिया ने कहा कि इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय ने आग के खतरों से बचाव के लिए आवश्यक पाठ्यक्रम बनाने में कड़ी मेहनत की है। इस पाठ्यक्रम से मौजूदा सुरक्षा प्रणाली की कमियों को पूरा करने में मदद मिलेगी। 

 

उन्होंने कहा कि हमें फायर एंड सेफ्टी के रोबोट्स तैयार नहीं करने हैं। एक साल का फायर, सेफ्टी एंड ऑडिट डिप्लोमा कोर्स करने वाले हवलदार ना निकलें बल्कि ऑडिटर निकलें। उनका इनपुट बहुत महत्वपूर्ण होगा ताकि फायर सेफ्टी को बरकरार रखते हुए हम नुकसान भी रोक पाएं।

 

उन्होंने कहा कि आग और जीवन सुरक्षा की लेखा परीक्षा भी काफी जरूरी है। खासकर अस्पतालों, होटलों, वाणिज्यिक केंद्रों, अकादमिक संस्थानों, आवासीय परिसरों और अधिक आबादी वाले स्थानों में एक मानक प्रक्रिया का पालन कराने में इससे मदद मिलेगी। 

 

सिसोदिया ने कहा कि जैसे जैसे शहरीकरण बढ़ रहा है, वैसे वैसे फायर सेफ्टी की जरूरत भी पूरी दुनिया में बढ़ रही है। परिस्थितियां हमें नई तैयारियों के लिए बाध्य करती हैं। मुझे खुशी है कि इस दिशा में हमारी यूनिवर्सिटी समाज को नए प्रोफेशनल्स देने के लिए कदम उठा रही है।

 

सिसोदिया ने कहा कि दुनिया भर में शिक्षा संस्थान तीन तरह के कोर्सेस चला रहे हैं। पहला ऐसे कोर्स, जिनकी आज बहुत उपयोगिता नहीं रह गई। दूसरे वो कोर्स जो आज की ज़रूरतों के समाधान के लिए बनाए जा रहे हैं। तीसरे तरह के कोर्स वो हैं जो फ्युचरिस्टिक हैं। ये भविष्य की उन चुनौतियों का समाधान देते हैं जो आज सामने भी नहीं आई हैं। फायर एंड सेफ्टी डिप्लोमा दूसरी और तीसरी श्रेणी में आने वाला कोर्स है।

 

सिसोदिया ने कहा कि यह कोर्स निश्चित रूप से आग और जीवन सुरक्षा पर इच्छुक युवाओं और अग्नि पेशेवरों में नया कौशल विकसित करने में मदद करेगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगा। यह ऑडिट पाठ्यक्रम समाज की सेवा करने में सक्षम बनाएगा।

 

सिसोदिया ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो महेश वर्मा और पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि इस अभिनव पाठ्यक्रम से कौशल विकास और रोजगार के पैदा होने के साथ ही एक सुरक्षित समाज के निर्माण में मदद मिलेगी।

 

समारोह में दिल्ली के स्वास्थ्य एवं उद्योग मंत्री सत्येंद्र जैन ने इस कोर्स को देश के लिए एक महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए प्रयोग के तौर पर शुरू किए गए इस कोर्स से निकले  प्रोफेशनल लोगों को नौकरशाही के दायरे से निकलकर बेहतर करने का अवसर मिलेगा।

 

समारोह में गृह मंत्रालय के अग्निशमन सलाहकार डीके शमी और विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार रवि दाधीच भी शामिल हुए।

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