बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा एक्सपोर्टर्स-इंपोर्टर्स मीट का आयोजन

 बैंक ऑफ महाराष्ट्र देश का सार्वजनिक क्षेत्र का एक प्रमुख बैंक है। बैंक ने दिनांक 21 दिसंबर, 2020 को पुणे में एक्सपोर्टर्स-इंपोर्टर्स मीट का आयोजन किया। पुणे के प्रमुख व्यापारिक घरानों सहित 80 से अधिक निर्यातक और आयातक इस कार्यक्रम में शामिल हुए।



हेमन्त टम्टा, कार्यपालक निदेशक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने बैठक की अध्यक्षता की। प्रशांत खटावकर, सीएफओ तथा महाप्रबंधक, ट्रेजरी एंड इंटरनेशनल डिविजन और श्री वी. पी. श्रीवास्तव, महाप्रबंधक और अंचल प्रमुख, पुणे शहर अंचल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

हेमन्त टम्टा ने कहा कि बैंक ने निर्यातकों और आयातकों के लिए "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से प्रौद्योगिकी के मोर्चे पर कई सकारात्मक परिवर्तन किए हैं। श्री टम्टा ने बैंक के विजन को साझा किया और विदेशी व्यापार का व्यवसाय करनेवाले ग्राहकों के लिए भविष्य की झलक प्रस्तुत की।

हेमन्त टम्टा ने रिटेल ऋण खंड में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण पर भी प्रकाश डाला, जो कि बैंकिंग उद्योग में सर्वश्रेष्ठ में से एक है। उन्होंने सेवाओं की शीघ्र सुपुर्दगी पर बैंक के फोकस पर जोर दिया। उन्होंने युवा पीढ़ी को बैंक ऑफ महाराष्ट्र के साथ जुड़ने और एनआरआई सेवाओं सहित बैंक द्वारा प्रस्तुत विभिन्न उत्पादों और सेवाओं का अनुभव लेने का आह्वान किया। उन्होंने एमएसएमई फर्मों और अन्य व्यावसायिक उद्यमों सहित सभी ग्राहकों को हर संभव सहयोग, विशेष रूप से कठिन समय में, देने का आश्वासन दिया।

प्रशांत खटावकर और विजय श्रीवास्तव ने देश की जीडीपी ग्रोथ के लिए निर्यात कारोबार द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से यह भी बताया कि कैसे तेजी से निर्यात कारोबार वैश्विक बाजार के समर्थन के साथ जुड़कर पोस्ट लॉकडाउन में मज़बूती के साथ उभरा, जिससे भारत में निर्यात व्यापार के संवर्धन हेतु नए मार्गों और अवसरों का सृजन हो रहा है। बैंक के उत्पादों और सेवाओं पर भी प्रकाश डाला गया जो बेहतर ग्राहक सेवा सुनिश्चित करने के लिए सेवा सुपुर्दगी तंत्र को मजबूत करने में मदद कर रहे हैं।


परिचर्चात्मक सत्र के दौरान, ग्राहकों ने बैंक द्वारा प्रदत्त सहायता और सेवाओं की सराहना की और सुझाव भी दिए।
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