आल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट इंम्पलाईज फैडरेशन का किसानों के भारत बंद का समर्थन
आल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट इंम्पलाईज फैडरेशन ने किसानों के भारत बंद का समर्थन करते हुए मंगलवार को सभी राज्यों में कर्मचारियों ने  प्रर्दशन किए। यह जानकारी देते हुए आल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट इंम्पलाईज फैडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि फैडरेशन के कृषि कानूनों व बिजली संशोधन बिल 2020 को रद्द करवाने की मांग को लेकर देश भर में चल रहे किसान आंदोलन का तन-मन-धन से सहयोग एवं समर्थन करने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि किसानों के तीखे विरोध के बावजूद केन्द्र सरकार ने संसद में जबरन तरीके से तीनों कृषि कानूनों को पारित किया है। उन्होंने बताया कि तीनों कृषि कानून व बिजली संशोधन बिल 2020 किसानों के लिए डेथ वारंट है। इसलिए किसान बढ़ती सर्दी की परवाह न करते हुए दिल्ली के बार्डरों पर खुलें आसमान में डटे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसान संगठनों से खुले दिल व गंभीरता से बातचीत करने की बजाय जनता को दिखाने के लिए बातचीत करने की रस्म अदायगी कर रही है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस लेकर किसान आंदोलन को समाप्त करवाने की बजाय आंदोलन को लंबा करके पिटना चाहती है। आंदोलन में फूट डालना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार को इसमें भी भारी निराशा ही हाथ लगेगी।

 

राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि केन्द्र सरकार कोरोना को अवसर में बदलकर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एवं जन सेवाओं को निजी घरानों के हवाले करने में जुटी हुई है। पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए श्रम कानूनों को बदल दिया गया है। जिसको लेकर किसान, मजदूर व कर्मचारी सरकार से नाराज़ हैं और शीघ्र ही मजदूर संगठन निर्णायक आंदोलन छेड़ने जा रहा है।

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