प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे दक्षिण सूडान को भारत ने भेजी 70 मिलियन टन खाद्य सामग्री

 वैश्विक संकट कोरोना के दौरान भारत दुनिया के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने में पीछे नहीं हट रहा है। अपने वैश्विक मिशन के तहत भारी बारिश और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे  अफ्रीकी देश दक्षिण सूडान को भारत ने 70 मिलियन टन की खाद्य सहायता पहुंचाई है।




भारतीय विदेश मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार नौसेना के जहाज आईएनएस ऐरावत के माध्यम से 70 मिलियन टन गेहूं का आटा, चावल और शक्कर की खेप दक्षिणी सूडान भेजी गई है । यह खाद्य सामग्री वहां की सरकार के अनुरोध पर भेजी गई है । जिसे वहां खाद्य संकट से जूर रहे लोगों में वितरित किया जाएगा।

खाद्य सामग्री की खेप केन्या के मोम्बासा पोर्ट पर उतरने के बाद ट्रकों द्वारा दक्षिण सूडान की राजधानी जुबा पहुंचाई गई। जहां आयोजित एक सादे समारोह में वहां के मानवीय मामलों और आपदा प्रबंधन मंत्रीपॉल मेयन वेन माजोंगडिट को सौंप दिया गया है। खाद्य सहायता मिलने के बाद मंत्री पॉल मेयन वेन माजोंगडिट ने इस मानवीय सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों का आभार जताया।

इस दौरान पॉल मेयन वेन माजोंगडिट ने कहा कि कोविड-19 महामारी से ठीक पहले फरवरी 2020 में भारत सरकार द्वारा दान की गई जीवन रक्षक दवाओं ने दक्षिण सूडान में हजारों लोगों की जान बचाई थी। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय समुदाय तरफ से मिल रहे निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और और प्राथमिकता के आधार पर उनके नए व्यापार उपक्रमों के लिए अनुदान की मंजूरी की पेशकश की।

छात्रों को कम्प्यूटर का प्रशिक्षण दे रही भारत की शांति सेना


दक्षिण सूडान को खाद्य सहायता देने के अलावा संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ काम कर रही भारत की शांति सेना वहां के मलाकाल के एक स्कूल में छात्रों को कम्यूटर का प्रशिक्षण भी दे रही है। इस साप्ताहिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में दक्षिण सूडान के 82 छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

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