लगभग 500 साल

कहते हैं कि अयोध्या नगरी का संकट लगभग 500 साल तक दो अलग अलग मजहब के लोगों का सिर दर्द बना रहा। यह कई बार खूनी संघर्ष का सबब  बना और सियासत में कई नेताओं की उम्मीदों का सहारा भी बना। यह मुद्दा अदालतों में भी कई दशक तक हावी रहा और अब 2019 में देश की सबसे बड़ी अदालत ने लगातार 40 दिन की सुनवाई के बाद ऐसा फैसला सुनाया जो सभी को सुहाना लगा, जिसने मंदिर- मस्जिद के बीच की तकरार को अतीत  बना दिया और देश में सद्भाव के नये युग का सूत्रपात हुआ। बहुत कम अवसर ऐसे आते हैं जब लोग एक आवाज में यह कहने को मजबूर हो जाते हैं कि अदालत का फैसला सभी के दिलों की चिंता का हरण कर रहा है। अब इतना तो विश्वास है कि मंदिर बनेगा मगर हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि मन में बने सद्भाव के मंदिर को कभी कोई क्षति नहीं आये।


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