दस हफ्ते, दस बजे, दस मिनट, हर रविवार, डेंगू पर वार : अरविंद केजरीवाल

10 हफ्ते10 बजे10 मिनट। 1 सितंबर से 10 हफ्ते तक हर रविवार 10 बजे बस 10 मिनट अपने घर की चेकिंग करनी है कि कहीं डेंगू का मच्छर तो नहीं पनप रहा। मैं भी हर रविवार अपने घर की जांच करूंगा। आप भी जरूर करना : अरविंद केजरीवाल



“इस साल डेंगू को और भी कम करना है। एक सितंबर से शुरू हो रहा है महाअभियान। 10 हफ्ते, 10 बजे, 10 मिनट। 1 सितंबर से 10 हफ्ते तक हर रविवार 10 बजे बस 10 मिनट अपने घर की चेकिंग करनी है कि कहीं डेंगू का मच्छर तो नहीं पनप रहा। मैं भी हर रविवार अपने घर की जांच करूंगा। आप भी जरूर करना।“ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्वीट में ये बात कही। एक अन्य ट्वीट में अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मात्र चार साल में दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया 80 फीसदी कम हुआ। 2015 – 15867 केस, 60 मौतें। 2018- 2798 केस, 4 मौतें। ये सफलता हासिल करने के लिए सभी नागरिकों, संबंधित विभागों और स्वास्थ्य से जुड़े सभी लोगों को शुक्रिया और शुभकामनाएं।“


Year wise data of Vector Borne Diseases






























Disease



2015



2016



2017



2018



2019



Dengue



15867



4431



4726



2798



75*



Chikungunya



-



7760



559



165



21*



 



  • Data till 24.08.2019






















Year



2015



2016



2017



2018



2019



Dengue Deaths



60



10



10



04



·  NIL (so far)



 


दिल्ली सचिवालय में हुई एक प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा, “डेंगू और चिकनगु‍निया का प्रकोप हर साल मानसून के दौरान और मानसून के बाद होता है। भारत उन 100 देशों में से है जिनमें डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप बहुत ज्‍यादा है। अगर पूरे देश के आंकड़ों को देखें तो 2009 से 2017 के बीच में पूरे देश में 300 प्रतिशत डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप बढ़ा है। पूरे देश में 2009 में 60 हजार केस थे जो 2017 में ये बढ़कर 1 लाख 88 हजार 401 हो गये। पूरे देश में सबसे ज्‍यादा मौत डेंगू और चिकनगुनिया की वजह से 2017 में हुई थी। लेकिन दिल्‍ली में ये ट्रेंड उल्‍टा चल रहा है। दिल्‍ली में सरकार के प्रयासों और जनता की भागीदारी की वजह से डेंगू और चिकनगुनिया पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। हमारी सरकार के पहले साल यानी 2015 में डेंगू और चिकनगुनिया के 15 हजार 867 मामले थे जो 2018 में घटकर 2 हजार 798 रह गये। तीन साल के अंदर 80 प्रतिशत डेंगू और चिकनगुनिया कम हुआ है। 2015 में दिल्‍ली में डेंगू और चिकनगुनिया से 60 मौतें हुई थीं और 2018 में चार मौतें हुई थीं। इस साल अभी तक एक भी मौत नहीं हुई है। हमने इसके लिए बहुत सारे कदम उठाये। दिल्‍ली में बहुत सारे फीवर क्‍लीनिक्स बनाये गये। मोहल्‍ला क्‍लीनिक खोले गये। मोहल्‍ला क्‍लीनिक्स ने इसको लेकर बहुत अच्छा काम किया। पहले जब भी कोई बीमार होता था तो पहले उसको बड़े अस्‍पताल की तरफ भागना पड़ता था। बड़े अस्‍पताल में लाइनों की वजह से और अन्य समस्‍याओं की वजह से आदमी वहां जाने से हिचकिचाता है। अकसर ऐसा होता था कि जब केस खराब हो जाता था त‍ब वो बड़े अस्‍पताल की तरफ दौड़ता था लेकिन अब मोहल्ला क्लीनिक घर के बगल में है, लोग वहां चले जाते हैं और वहां उनका इलाज हो जाता है।“


मुख्यमंत्री ने कहा, “इसके अलावा हर सीजन में करीब 500 फीवर क्लीनिक्स बनाये गये। डेंगू और चिकनगुनिया से निपटने के लिए हर अस्‍पताल के अंदर नोडल अफसर नियुक्‍त किये गये। हर अस्‍पताल में विशेषतौर पर डेंगू मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था की गई। प्राइवेट अस्‍पतालों को हर साल इस सीजन में डेंगू और चिकनगुनिया के लिए 20 प्रतिशत बेड बढ़ाने की इजाजत दी गई। इसके अलावा दिल्‍ली सरकार में डेंगू कंट्रोल सेल बनाया गया जिसका काम था – बचाव और जागरूकता। दिल्ली में बहुत बड़े स्‍तर पर डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। इन सभी कदमों की वजह से डेंगू और चिकनगुनिया पर नियंत्रण किया जा सका। दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया के मामलों में 80 फीसदी की गिरावट आई है इसके लिए मैं दिल्ली के लोगों, इस काम में लगी सभी एजेंसियों और चिकित्सा क्षेत्र के लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।“


अरविंद केजरीवाल ने कहा, “इस साल हम नहीं चाहते कि ये आंकड़े बढ़े। हम चाहते हैं कि ये आंकड़े कम हों। हम चाहते हैं कि डेंगू और चिकनगुनिया से हमेशा के लिए निजात पा सकें। इसके लिए हम लोग इस साल 1 सितंबर से एक व्यापक अभियान शुरू कर रहे हैं। इसका नाम है - दस हफ्ते, दस बजे, दस मिनट। हर रविवार, डेंगू पर वार।  हम दिल्‍ली के सभी लोगों से अपील कर रहे हैं कि आपको हर संडे को दस बजे केवल दस मिनट देने हैं। दस मिनट से ज्‍यादा नहीं लगते। केवल आपको अपने घर की चेकिंग करनी है। डेंगू का मच्‍छर केवल साफ पानी में होता है। साफ पानी अगर थोड़े दिन के लिए इकट्ठा हो जाए और उसको बदला न जाये तो उस साफ पानी के अंदर डेंगू के अंडे पैदा होते हैं और वो अंडे 8 से 10 दिन के अंदर मच्‍छर में कन्वर्ट हो जाते हैं। अगर हम 8 दिन से पहले उस पानी को बदल दें और उस अंडे को नष्‍ट कर दें तो मच्‍छर पैदा ही नहीं होगा। हर संडे को अपने घर की चेकिंग करने में दस मिनट से ज्‍यादा नहीं लगते। पूरे घर में जाकर देखना है कि कहीं गमले में, कूलर में, कोई छोटी सी भी जगह में कोई पानी तो इकट्ठा नहीं हो रहा। अगर इकट्ठा हो रहा हो तो उसको उड़ेल दें या उसको बदल दें या कूलर आदि में कोई तेल डाल दें ताकि जो अंडे हैं वो सर्वाइव ना करें।“


मुख्यमंत्री ने कहा, “हर साल डेंगू के सबसे ज्यादा मामले 1 सितंबर से 15 नवंबर के बीच आते हैं। इसलिए दिल्ली वालों को दस हफ्ते, दस मिनट देने हैं। एक तरह से 100 मिनट मांग रहे हैं। आपके 100 मिनट का मतलब पौने दो घंटे हैं। अपनी दिल्ली को डेंगू और चिकनगुनिया से बचाने के लिए पौने दो घंटे तो हर आदमी दे ही सकता है। ये मच्‍छर 200 मीटर से ज्‍यादा नहीं उड़ सकता। अगर आपके घर में डेंगू होता है तो आप ये मानकर चलें कि मच्‍छर आसपास ही पैदा हुआ है। अगर आप अपने घर की चेकिंग कर लें और सुनिश्चित कर लें कि आपके पड़ोसियों ने भी चेकिंग कर लिया है तो डेंगू और चिकनगुनिया से सुरक्षित रह सकते हैं।“


अरविंद केजरीवाल ने कहा, “इस कैंपेन में मैं भी अपने घर की चेकिंग करूंगा हर संडे को दस बजे। मेरे मंत्री भी चेकिंग करेंगे। सारे एमएलए भी चेकिंग करेंगे। सारे ऑफिसर्स भी चेकिंग करेंगे। सारी दिल्‍ली चेकिंग करेगी। हम इसमें नागरिकों को, सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को, स्कूली बच्चों को शामिल करेंगे। मुझे पूरी उम्‍मीद है कि आज जिस तरह से पूरी दिल्‍ली के अंदर एक बहुत पॉजिटिव एनर्जी है, लोग सरकार के साथ भागीदारी कर रहे हैं, जिस तरह से सभी लोगों ने मिलकर ऑड-ईवन को सफल बनाया था उसी तरह इस कैंपेन को भी सफल बनाएंगे और हम दिल्‍ली से हम डेंगू और चिकनगुनिया को भी भगाएंगे।“


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