आने वाले कल से मिलना हमेशा अच्छा लगता है

विगत दिनों दिल्ली के प्रतिष्ठित एहल्कॉन पब्लिक स्कूल, मयूर विहार फेस-वन में बाल कवि सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ।

 

विद्यालय की प्रधानाचार्या वेणी भारद्वाज के साथ-साथ "हिंदी क्लब" की प्रमुख अध्यापिका,  लेखिका-शिक्षाविद् श्रद्धा पांडेय के आमंत्रण पर जब वहाँ पहुँचकर वरिष्ठ कक्षाओं के छात्र-छात्राओं की स्वरचित कविताओं का पाठ सुना तो मन उम्मीद से भर उठा, कि अभी संवेदनशीलता, संवाद, अपनापन, और दूसरी मानवीय भावनाएँ जो मनुष्य को मनुष्य बनाती हैं, जीवित रहने वाली हैं।


 

बेहद महत्वपूर्ण विषयों पर सुंदर प्रस्तुतियाँ देख कर मन गदगद हो गया। विद्यालय परिवार साथ साथ बच्चों के अभिभावकों के लिए भी मन से दुआएँ निकलीं।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में संगीत विशेषज्ञ सुनील अग्रहरि मौजूद थे।


 

स्वरचित कविता पाठ में जिन बच्चों ने कविता पाठ किया उनमें विभूति शर्मा,आस्था शर्मा, उत्कर्ष गुप्ता, श्रेया वर्मा, विधि गुप्ता , गौरी गुप्ता , ग्लोरिया, आकाश सस्मल, प्रशा मोहन, सिद्धार्थ झा,स्नेहिल त्रिपाठी, सुरभि, सौम्या जैन, नम्या तायल, दीपांशु मुख्य रूप से शामिल थे। 

 

इन बच्चों के साथ ही एहल्कॉन पब्लिक परिवार की शिक्षिकाओं ने भी काव्य पाठ किया जिनमें सुश्री गौरी, नीरज और कुसुम शामिल थीं।

 

कार्यक्रम का संचालन श्रद्धा पांडेय के कुशल मार्गदर्शन में  प्रज्ञा जोशी  तथा मौली बाली ने किया ।

 

इस अवसर पर  सभागार में हिंदी-शिक्षक और समाजसेवी शंभू झा सहित अनेक अभिभावकों का उनकी उपस्थिति के लिए और एहल्कॉन पब्लिक स्कूल का एक श्रेष्ठ आयोजन हेतु हार्दिक आभार और  अभिनंदन करता हूँ ।

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