नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने तीस्ता हाइड्रो पावर लिमिटेड (एलटीएचपीएल) हेतु एनएचपीसी की बोली को मंजूरी दी

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी), हैदराबाद बेंच द्वारा 26.07.2019 को कॉर्पोरेट दिवाला संकल्प प्रक्रिया के तहत897.50 करोड़ रुपये की राशि के लिए ऋण-ग्रस्त लैंको तीस्ता हाइड्रो पावर लिमिटेड (एलटीएचपीएल) के लिए सरकार द्वारा संचालित जलविद्युत प्रमुख, एनएचपीसी लिमिटेड की बोली को मंजूरी दे दी गई है। एनएचपीसी लिमिटेड, विद्युत मंत्रालय के अधीन एक मिनीरत्न कंपनी है एवं यह पहली बार है जब किसी  सरकार द्वारा संचालित कंपनी ने आईबीसी के अंतर्गत कोई परियोजना प्राप्त की है। प्रारंभ में, 907 करोड़ रुपए की मूल बोली को 100% वोट के साथ लैंको तीस्ता हाइड्रो पावर की लेनदारों की समिति (सीओसी) द्वारा अनुमोदित किया गया था और साइट पर होने वाली चोरी को ध्यान में रखते हुए 897.50 करोड़ रुपए की वर्तमान बोली को 97.34% को वोट द्वारा अनुमोदित किया गया। अनुमोदित संकल्प योजना के अनुसार, एनएचपीसी वित्तीय लेनदारों को 877.74 करोड़ रुपए का भुगतान करेगा और 11.12 करोड़ रुपए लैंको तीस्ता हाइड्रो पावर के परिचालन लेनदारों को दिया जाएगा । एनएचपीसी द्वारा 70:30 के ऋण-इक्विटी अनुपात के माध्यम से परियोजना को वित्त पोषित किया जाएगा ।


यह परियोजना 5,748.04 करोड़ रुपए (जुलाई 2018 मूल्य स्तर पर) की अनुमानित लागत पर कार्यान्वित की जाएगी, जिसमें अधिग्रहण के लिए 907 करोड़ रुपये की बोली राशि एवं 3,863.95 करोड़ रुपए के शेष कार्य की अनुमानित लागत शामिल है। इसके साथ ही 977.09 करोड़ का निर्माण के दौरान ब्याज (आईडीसी) व विदेशी घटक (एफसी) भी शामिल है । मार्च 2019 से पहले, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने सिक्किम में लैंको की 500 मेगावाट की तीस्ता हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट लेने के लिए एनएचपीसी के  प्रस्ताव को मंजूरी दी थी ।


एनएचपीसी के अलावा, एक अन्य पीएसयू यदा सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) ने भी ऋण-ग्रस्त कंपनी के लिए बोली लगाई थी। एनसीएलटी ने 16 मार्च, 2018 को इसके प्रमुख ऋणदाता आईसीआईसीआई बैंक द्वारा प्रस्तुत याचिका को स्वीकार करने के बाद, मेसर्स लैंको तीस्ता हाइड्रो पावर के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही शुरू कर दी थी और 24 अप्रैल,2018 को एक रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल नियुक्त किया गया था ।


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