अब सरकार काट रही जनता के दरवाजे के चक्कर

  अब तक जिन 418 लोगों के डाक्युमेंट पूरे नहीं थे उनके घर दोबारा जाएंगे मोबाइल सहायक


 


नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ सर्विसेस योजना से विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन करने वाले ऐसे लोग जिनके डाक्युमेंट पूरे नहीं थे, उनके घर दोबारा मोबाइल सहायक जाएंगे। इस योजना की शुरुआत यानी 10 सितंबर  


सुबह 10 बजे से लेकर 13 सितंबर दोपहर 1 बजे तक 418 लोग ऐसे थे, जिनके घर जब मोबाइल सहायक डाक्युमेंट लेने के लिए पहुंचे तो उनके जरूरी डाक्युमेंट पूरे नहीं थे। एप्वाइंटमेंट लेकर इन लोगों के घर दोबारा मोबाइल सहायक जाएंगे और उनके डाक्युमेंट कलेक्ट करेंगे।


 


दिल्ली सरकार की इस योजना ने गर्वनेंस के उस मॉडल को ही पलट दिया है जिसमें आम आदमी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटता था। वहां लंबी-लंबी लाइनों में उसे कई-कई घंटे लगे रहना पड़ता था। बाबुओं की लेटलतीफी की वजह से उसका काम लटका रहता था। कई बार तंग होकर उसे दलालों की शरण में जाना पड़ता था और उन्हें रिश्वत देकर अपना काम कराना पड़ता था।


 


आमतौर पर इन सरकारी सेवाओं के लिए किसी आदमी को तीन से पांच बार तक का सरकारी दफ्तरों में चक्कर काटना पड़ता था। इसके लिए आने-जाने के पैसे भी खर्च होते थे। लोगों को छुट्टी लेकर या अपने अन्य जरूरी कामों को छोड़कर सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगाना पड़ता था। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्ग, महिलाओं और दिव्यांगजनों को होती थी। लेकिन अब दिल्ली सरकार की इस योजना में सरकार लोगों को सरकारी सेवाएं मुहैया कराने के लिए उनके दरवाजों के चक्कर काट रही है। 


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